Durga Puja Bhajan - Jai Ambe Gauri

Durga Puja Bhajan - Jai Ambe Gauri — Complete Lyrics & Benefits

Complete Lyrics

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥ माँग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को। उज्जवल से दोउ नैना, चन्द्रवदन नीको॥ कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै। रक्तपुष्प गल माला, कण्ठन पर साजै॥ केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी। सुर-नर मुनि जन सेवत, तिनके दुखहारी॥ कानन कुण्डल शोभित, नासाग्र मोती। कोठिक चन्द्र दिवाकर, राजत सम ज्योति॥